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 गाइड समाज कल्याण संस्थान द्वारा आज "युगपुरुष सम्मान-2019" का आयोजन 
November 19, 2019 • Jyoti Singh

गाइड समाज कल्याण संस्थान द्वारा आज 19 नवंबर 2019 को “दादा से अनुभव, दादी से प्यार, तभी बनेगा सुन्दर संसार” विषयक संगोष्ठी एवं वृद्धजन सम्मान कार्यक्रम का आयोजन संगोष्ठी सदन, रिज़र्व पुलिस लाइन (यूनिवर्सिटी रोड, लखनऊ) में किया गया जिसका मुख्य आकर्षण "युगपुरुष सम्मान-2019" रहा जिसके अंतर्गत समाज के पुनर्निर्माण में अधिकतम-श्रेष्ठतम योगदान करने वाले वृद्ध पुरुषों को अलंकृत किया गया। कार्यक्रम में संस्था के आदरणीय संरक्षक मंडल के अतिरिक्त देश के ख्यातिलब्ध मूर्धन्य विद्वान, साहित्यकार, विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर्स, समाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, पत्रकार और पुलिस मॉडर्न स्कूल के असंख्य छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

साथ ही उपस्थित छात्र-छात्राओं को बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर शपथ भी दिलाई गयी एवं नेत्रदान के फॉर्म सभी ने भरे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कैबिनेट मंत्री– समाज कल्याण (उत्तर प्रदेश) रमापति शास्त्री जी रहे। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति सुधीर चंद्र वर्मा, मेजर वीके जोशी एवं चन्द्र किशोर रस्तोगी जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्था की संस्थापक डॉ. इन्दु सुभाष ने किया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ जी ने बच्चों को सुबह जल्दी उठकर व्यायाम व अध्धयन अभ्यास तथा अनुशासन पर बल दिया। पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति सुधीर चंद्र वर्मा जी ने बच्चों शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों व संस्कारो की प्रति सजग रहने की बात कही। 89 वर्षीय चन्द्र किशोर रस्तोगी जी ने सेवा धर्म सबसे बड़ा का मूलमंत्र बच्चो को दिया। गायत्री शक्ति पीठ के मेजर वीके खरे जी ने कहा कि माता-पिता एवं शिक्षकों को बच्चों में संस्कार बचपन से ही डालने चाहिए। 

कार्यक्रम के अंत में पुलिस मॉडर्न स्कूल की प्रधानाचार्य एसएस रिज़वी जी ने धन्यवाद देते हुए संस्था के वृद्धजन सम्मान अभियान की भूरी-भूरी प्रशंसा की। मुख्य अतिथि महोदय ने अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस की बधाई दी। साथ ही उन्होंने यूएनओ के आंकड़ो का हवाला देते हुए पुरुषों की जीवन प्रत्याशा दर स्त्रियों से कम होने पर चर्चा की। उन्होंने संस्था के 3 पीढ़ियों को साथ लेकर “बुजुर्गों का अनुभव, युवाओं की ताकत, बनायेंगे मिलकर हम नया भारत” मिशन की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने युवाओं को मुस्कुराने, प्रशंसा करने, किसी की अवमानना ना करने एवं सदैव कर्तव्य परायण रहने का सन्देश दिया।