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आपके भाग्य का कनेक्शन माथे की इन लकीरों से चलता है पता...
December 12, 2019 • Jyoti Singh • आध्यात्म

माथे की लकीरों का कनेक्शन भाग्य से जुड़ा है। सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक किसी भी व्यक्ति के माथे की लकीरों को देखकर यह ज्ञात किया जा सकता है कि वह कितना भाग्यशाली है। माथे की ये लकीरें व्यक्ति के भूत, वर्तमान और भविष्य की ओर इशारा करती हैं। सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक व्यक्ति के माथे की पहली लकीर का संबंध धन से होता है। यह लकीर भौं के निकट बनती है। इसे धन की लकीर भी कहते हैं।

जिस व्यक्ति की धन की यानी माथे की पहली लकीर जितनी स्पष्ट होगी, वह व्यक्ति उतना ही धनवान होगा। परंतु यदि माथे की यह लकीर स्पष्ट नहीं होती है तो इससे ये संकेत मिलता है कि व्यक्ति को धन से जुड़ी समस्याएं होंगी। उसके वित्तीय जीवन में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी। व्यक्ति के स्वास्थ्य जीवन से जुड़ी है माथे पर बनी दूसरी लकीर। यह लकीर भौहों के निकट की लकीर के बाद दूसरी लकीर होती है। अगर माथे की दूसरी लकीर गाढ़ी और साफ दिखाई देती है तो, इसका मतलब है कि उस व्यक्ति का स्वास्थ्य जीवन अच्छा होगा। इसके विपरीत यह लकीर पतली और हल्की होती है तो व्यक्ति को स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

माथे की दूसरी लकीर का स्पष्ट न होना खराब स्वास्थ्य की ओर इशारा करता है। व्यक्ति के स्वास्थ्य जीवन से जुड़ी है माथे पर बनी दूसरी लकीर। यह लकीर भौहों के निकट की लकीर के बाद दूसरी लकीर होती है। अगर माथे की दूसरी लकीर गाढ़ी और साफ दिखाई देती है तो, इसका मतलब है कि उस व्यक्ति का स्वास्थ्य जीवन अच्छा होगा। इसके विपरीत यह लकीर पतली और हल्की होती है तो व्यक्ति को स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। माथे की दूसरी लकीर का स्पष्ट न होना खराब स्वास्थ्य की ओर इशारा करता है।

माथे पर बनने वाली चौथी लकीर का संबंध जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से होता है। हालांकि ये लकीर 26 से 40 वर्ष तक के उतार-चढ़ाव और संघर्ष के बारे में बताती है। ऐसे व्यक्ति चालीस की उम्र के बाद सफलता की बुलंदियों में होते हैं। ऐसे व्यक्तियों का आर्थिक जीवन भी अच्छा होता है।
माथे पर बनने वाली पांचवीं लकीर को खतरनाक माना जाता है। यह लकीर जीवन में तनाव और चिंता को दर्शाती है। कभी-कभी तो ऐसे लोग अपना घरवार छोड़कर वैराग्य जीवन की तरफ चल देते हैं। माथे पर छठी लकीर नाक की सीधी तरफ ऊपर जाने वाली लकीर को कहते हैं। इसे दैवीय लकीर कहा जाता है। क्योंकि यह लकीर संकेत देती है कि व्यक्ति के ऊपर दैवीय कृपा है। ऐसे व्यक्ति जीवन में अप्रत्याशित रूप से सफल होते हैं।