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बार-बार दिल की धड़कनों का तेज होना हो सकता है घातक...
December 1, 2019 • Jyoti Singh • लाइफस्टाइल

मानव हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है जो संचार प्रणाली के माध्यम से पूरे शरीर में रक्त पंप करता है, ऊतकों (tissues) को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है और कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य वेस्टेज को निकालता है। आमतौर पर एक सामान्य व्यक्ति के दिल की धड़कन 60 से 90 बीट प्रति मिनट (बीएमपी) होती है, लेकिन कभी ऐसा महसूस होता है कि आपका दिल सामान्य की तुलना में बहुत तेज धड़क रहा है. तो समझ जाइए खतरे का संकेत है।

हालांकि तेज दिल की धड़कन के सभी मामलों का मतलब यह नहीं है कि आपको दिल की बीमारी है। यदि आप व्यायाम कर रहे हैं या किसी भी प्रकार की गतिविधि कर रहे हैं, तो भी आपका दिल सामान्य रूप से तेजी से धड़कने लगेगा। यदि आप किसी टेंशन से गुजर रहे हैं तब भी आपकी हृदय गति बढ़ जाएगी। कभी-कभी बीमारियों के कारण भी दिल की धड़कन बढ़ जाती है जिसमें, थायरॉइड, लो ब्लड प्रेशर, फीवर, एनीमिया के चलते भी दिल की धड़कन बढ़ सकती है।

कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिसके सेवन से दिल की धड़कन बढ़ जाती है, जिसमें, शराब, सिगरेट, कैफीन शामिल हैं। वहीं कुछ मेडिसिन के सेवन के चलते भी दिल की धड़कन बढ़ सकती है। डिहाइड्रेशन दिल की धड़कन का कारण बन सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपके रक्त में पानी है, इसलिए जब आपकी बॉडी डिहाइड्रेटेड हो जाती है, तो आपका रक्त गाढ़ा हो सकता है। आपका खून जितना गाढ़ा होता है, आपके दिल को आपकी नसों के माध्यम से इसे स्थानांतरित करने के लिए उतना ही कठिन काम करना पड़ता है। यह आपकी पल्स दर को बढ़ा सकता है। ऐसी स्थिति में पानी पिएं।

अकसर देखने को मिलता है कि कई बार गर्भवती महिलाओं की दिल की धड़कन बढ़ने लगती है तो ऐसी परिस्थिति में आराम करें और ज्यादा होने पर डॉक्टर से जांच कराएं। अटैक भी दिल की धड़कनें अधिक तेज होने की वजह हो सकता है। इसमें कुछ प्रकार के संकेत आपको पहले नजर आएंगे जैसे पसीना आना, सांस लेने की तकलीफ महसूस होना आदि। हार्ट की बीमारी से बचने के लिए स्‍ट्रेस फ्री जीवन बिताएं, समय पर खाएं, नींद लें और व्यायाम करें।