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छेड़खानी करने वाला दरोगा गिरफ्तार
December 10, 2019 • Jyoti Singh • अन्य राज्य

जोगवनी-आनंदविहार (12487) सीमांचल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बीते रविवार की रात महिला यात्री से छेड़खानी करना मुंगेर पुलिस लाइन में पदस्थापित प्रशिक्षु दारोगा रिंकू रंजन कुमार को महंगा पड़ा। पीड़िता की लिखित शिकायत पर पकड़े गए आरोपित दारोगा को सोमवार को बरौनी जीआरपी ने रेलवे कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जेल भेजे गए दारोगा पटना के बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी निवासी राम प्रवेश शर्मा के पुत्र बताए गए हैं। बताया गया है कि बीते रविवार की रात 12487 सीमांचल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-3 के बर्थ 31 व 39 पर दिल्ली की रोहिणी निवासी दो युवतियां पूर्णिया से आनंदविहार जा रहीं थीं।

इसी कोच में आरोपित दारोगा नवगछिया से पटना तक की यात्रा कर रहा था। बरौनी जंक्शन से ट्रेन खुलने के बाद चलती ट्रेन में ही उक्त आरोपित दारोगा ने दोनों बहनों के साथ छेड़खानी की। पीड़िता के शोर मचाने पर कोच के अन्य यात्री जाग गए। इसके बाद यात्रियों ने दारोगा को पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। वहीं पीड़िता ने फोन पर इसकी शिकायत जीआरपी के अधिकारियों से की। ट्रेन के पाटलिपुत्र पहुंचने के बाद यात्रियों ने आरोपित को पकड़ कर पाटलिपुत्र जीआरपी के हवाले कर दिया।

पाटलिपुत्रा जंक्श्न जीआरपी प्रभारी रामसेवक सिंह ने बताया कि घटनास्थल बरौनी जीआरपी होने के कारण पकड़े गए आरोपित को बरौनी जीआरपी के हवाले कर दिया गया। वहीं आरोपित दारोगा का कहना था कि छेड़खानी का आरोप झूठा है। ट्रेन की खिड़की बंद करने के दौरान महिला यात्री ने छेड़खानी का आरोप लगाया है। पीड़िता के आवेदन पर बरौनी जीआरपी में शिकायत दर्ज कर आरोपित को जेल भेज दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।

स्लीपर कोच में धौंस जमाकर दारोगा कर रहे थे यात्रा
सीमांचल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस थ्री में प्रशिक्षु दारोगा धौंस जमाकर अनाधिकृत रूप से यात्रा कर रहे थे। यह आरोप पीड़ित महिला यात्री ने लगाया है। उनका यह भी आरोप है कि छेड़खानी का विरोध करने पर उन्होंने वर्दी का धौंस दिखाया और चुप रहने की धमकी दी। पकड़े जाने पर वह रास्ते भर बड़बड़ाता रहा। यही नहीं पटना पहुंचने पर देख लेने की भी धमकी देता रहा। रेल एसपी दिलीप कुमार का कहना था कि स्लीपर कोच में दारोगा कैसे सवार थे। उन्होंने सीट आरक्षित कराई थी कि नहीं, इसकी भी गहन जांच की जाएगी।

बरती गई लापरवाही
पीड़िता का यह भी आरोप था कि ट्रेन में सवार युवती की शिकायत पर आला अधिकारी गंभीर जरूर हुए लेकिन कार्रवाई में हद दर्जे की लापरवाही बरती गई। बरौनी के बाद ट्रेन हाजीपुर व सोनपुर रेलवे स्टेशन होते हुए पाटलिपुत्रा जंक्शन पहुंची लेकिन इसके पहले दोनों रेलवे स्टेशनों पर आरोपित को गिरफ्तार करने की कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में आरोपित ट्रेन से कूद कर भाग भी सकता था।