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गोरखपुर आई 'सफर वैन' जांचेगी शहर की आबोहवा
December 27, 2019 • Jyoti Singh • अन्य खबरें

गोरखपुर। शहर की आबोहवा जांचने के लिए आई 'सफर वैन' गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गई। यह वैन यहां विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर को जांचेगी। अपर जिलाधिकारी वित्त राजेश सिंह ने वैन का निरीक्षण किया। उन्होंने उसमें मौजूद उपकरणों के बारे में इंजीनियरों से बारीकी से जानकारी ली। वैन शुक्रवार से पांच दिन तक कलेक्ट्रेट परिसर में रहेगी। इसके बाद इसे अलग-अलग 10 स्थानों पर पांच-पांच दिनों के लिए भेजा जाएगा। वैन दो माह तक रुककर जिले के विभिन्न स्थानों पर प्रदूषण के स्तर को जांचेगी।

वायु प्रदूषण के स्तर का मापन करने वाली यह वैन कई माइनों में खास है। वैन के साथ दो तकनीकी विशेषज्ञ भी आए हैं। इंजीनियर अतुल गाड़वे ने बताया कि वैन में पर्यावरण प्रदूषण का मापन करने के लिए सभी अत्याधुनिक उपकरण हैं। वैन हरियाणा से सीधे गोरखपुर आई है। यह दो माह तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों जैसे औद्योगिक क्षेत्र गीडा, इंडस्ट्रियल एरिया गोरखनाथ, गोलघर, रेती चौक, मेडिकल कालेज, सूरजकुंड, नंदानगर, रुस्तमपुर, रेलवे व बस स्टेशन पर वायु प्रदूषण को जांचेगी। प्रदूषण का स्तर वैन पर लगे डिस्प्ले पर भी प्रदर्शित होगा।

सफर प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद समेत 83 प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग की जा रही है। इस वैन से तापमान, वर्षा, आर्द्रता, हवा की गति और हवा की दिशा की निगरानी भी की जाती है। इसके माध्यम से लोगों को वायु प्रदूषण और मौसम की आपातकालीन अवस्थाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। नई प्रणाली से वास्तविक समय में एक्यूआइ, पीएम 10, पीएम 2.5, मरक्यूरी, ओजोन लेयर एवं ब्लैक कार्बन की सटीक जानकारी मिलेगी।

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ ट्रापिकल मीटिरोलाजी पुणे के वायु गुणवत्ता निगरानी और पूर्वानुमान सेवा परियोजना के निदेशक के दिशा-निर्देश में यह वैन गोरखपुर आई है। वैन अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। इसमें प्रदूषण के स्तर का मापन करने वाले सभी उपकरण मौजूद हैं। शुक्रवार से यह वैन कलेक्ट्रेट में रुककर प्रदूषण के विभिन्न स्तरों के जांचने का काम करेगी।

रिपोर्ट- रंजित जायसवाल