ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश अन्य राज्य अंतर्राष्ट्रीय मनोरंजन खेल बिजनेस लाइफस्टाइल आध्यात्म अन्य खबरें
इन 3 राशियों वाले नहीं बच पाएंगे शनि की साढ़े साती से, जल्द कर लें ये काम...
December 29, 2019 • Jyoti Singh • आध्यात्म

साल 2020 में तीन राशियों पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव रहेगा। शनि को न्याय का देवता माना जाता है, इसलिए शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं या दंड देते हैं। शनि 24 जनवरी को धनु राशि से मकर राशि में गोचर करेगा। इसके अलावा शनि 11 मई से 29 सितंबर तक मकर राशि में वक्री रहेगा। फिलहाल धनु और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है और कुंभ राशि की साढ़ेसाती प्रारंभ हो जाएगी।

ये राशियां शनि की साढ़े साती से रहेगी मुक्त-
साल 2020 में ज्यादातर राशियों पर शनि की कृपा बनी रहेगी। इस साल मेष राशि वाले शनि की साढ़ेसाती से मुक्त रहेंगे। इसी तरह वृषभ राशि वाले जातकों पर भी शनि की साढ़े साती का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। मिथुन राशि वालों पर शनि की साढ़े साती का असर नहीं रहेगा। कर्क राशि वाले साल 2020 में शनि की साढ़े साती नहीं रहेगी। सिंह वाले भी शनि की साढ़े साती के प्रभाव से मुक्त रहेंगे। कन्या राशि वालों पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव नहीं रहेगा। तुला राशि वालों को भी शनि की साढ़े साती से कोई परेशान नहीं होगी यानी तुला राशि वाले शनि की साढ़े साती के प्रभाव से मुक्त रहेंगे। वृश्चिक राशि वाले इस साल शनि की साढ़े साती से मुक्त हो जाएंगे। उनके लिए बेहतर समय शुरू होने वाला है। मीन राशि वाले जातक भी शनि की साढ़े साती के प्रभाव से मुक्त रहेंगे।

ये राशियां शनि की साढ़े साती के प्रभाव में रहेगी-
इस समय तीन राशियां शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में रहेंगे। जो धनु, मकर और कुंभ है। इसमें धनु राशि वालों पर शनि की साढ़े साती का अंतिम चरण चल रहा है। साढ़े साती का अंतिम चरण कुंडली में शनि की शुभ-अशुभ स्थिति के हिसाब से फल देता है। इसके साथ ही मकर राशि वालों पर इस साल शनि की साढ़ेसाती का दूसरे चरण रहेगा। जिसका फल उनको कुंडली में शनि की स्थिति के अनुरूप मिलेगा। इस साल कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती शुरू होगी। इसका असर इस राशि वाले जातकों पर दिखाई देगा।

ये करें उपाय-
शनि के अशुभ प्रभाव को टालने के लिए शनि मंत्रों का जाप और पीपल को जल चढ़ाना सर्वश्रेष्ठ रहता है। इसके साथ ही जरूरतमंदो को दान देने और उनकी सेवा करने से भी लाभ मिलेगा। शिव आराधना और कृष्ण भक्ति से भी शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।