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खुशखबरी: जिम्स में मरीजों को नए साल से मिलेंगी ये नई सुविधाएं
December 24, 2019 • Jyoti Singh • अन्य राज्य

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में नए साल में सात नई सुविधाएं शुरू होंगी। संस्थान में 20 बिस्तर का प्राइवेट वार्ड, प्राइवेट ओपीडी, एमआरआई, सीटी स्कैन, ब्लड कंपोनेंट, अमृत फार्मेसी के लिए तैयारी लगभग पूरी हो गई है। इसके अलावा तीन सौ बेड के अस्पताल को बढ़ाकर पांच सौ का किया जा रहा है।

सोमवार को जिम्स के निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश गुप्ता ने संस्थान में मिल रही और आगामी वर्ष में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक अस्पताल में केवल 2 फ्लोर क्रियाशील थे। अब चारों फ्लोर चालू हो गए हैं। यहां सामान्य इलाज के साथ -साथ घुटने व कूल्हे का प्रत्यारोपण, लैप्रोस्कोपिक व हिस्ट्रेक्टोनॉमी आदि ऑपरेशन की सुविधा है। संस्थान में जिले का पहला सर्टिफाइड बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किया गया है।

ये सुविधाएं मिलेंगी-

प्राइवेट वार्ड

संस्थान में इस वर्ष से 20 रूम का प्राइवेट वार्ड बनकर तैयार हो गया है। यहां एक हजार रुपये प्रतिदिन के किराये पर मरीजों को सुविधा मिलेगी। जो लोग सामान्य वार्ड में इलाज नहीं कराना चाहते हैं, वहां इस वार्ड में अपना इलाज करा सकते हैं।

प्राइवेट ओपीडी

संस्थान में हर महीने 33 हजार मरीजों की ओपीडी होती है। ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। इसके लिए संस्थान प्राइवेट ओपीडी शुरू करेगा। इसमें 100 रुपये की पर्ची कटेगी। इसमें डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए लाइन में नहीं लगना होगा।

ब्लड कंपोनेंट

संस्थान ब्लड बैंक की सुविधा मरीजों के लिए मौजूद है। जल्द ही मरीजों को ब्लड कम्पोनेन्ट की सुविधा मिल सकेगी। प्लेटलेट्स आदि के लिए अब मरीजों को नहीं भटकना होगा।

एमआरआई

नए वर्ष में एमआरआई व सीटी स्कैन की सुविधा भी मिलने लगेगी। संस्थान ने पीपीपी मॉडल पर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टेंडर निकाला जा चुका है। दुर्घटना में घायल गंभीर मरीजों को इलाज सकेगा।

सीटी स्कैन

यह महत्वपूर्ण सुविधा भी पीपीपी मॉडल पर शुरू की जाएगी। इससे दुर्घटना में घायल गंभीर मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा और तुरंत इलाज शुरू हो सकेगा

डायलेसिस सेंटर

संस्थान में जल्द ही डायलिसिस सेन्टर भी शुरू किया जायेगा। इससे किडनी के मरीजों को राहत मिलेगी। अभी यह सुविधा नहीं होने से किडनी के मरीजों को बाहर जाना पड़ता है।

सस्ती ब्रांडेड दवाएं

संस्थान परिसर में अमृत फार्मेसी खोली जाएगी। इसमें मरीजों को ब्रांडेड सस्ती दवाएं मिलेंगी। यह सुविधा भी नए साल से मिलेगी।

गायनी में डीएनबी के लिए नए सत्र से प्रवेश मिलेगा-

निदेशक ने बताया कि मेडीसिन, सर्जरी, गायनी, पीडिया व एनेस्थीसिया में एमडी/एमएस समकक्ष डीएनबी शुरू करने को संस्थान ने आवेदन किया था। गायनी की अनुमति मिल चुकी है, इसमें नए सत्र में प्रवेश मिलेगा।

आयुष्मान भारत योजना में 500 गोल्डन कार्ड-

संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी व आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक संस्थान में 500 से ज्यादा लोगों के गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके हैं।

ओपीडी में इस साल 30 प्रतिशत मरीज बढ़े-

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश बाबू ने बताया कि करीब 33000 मरीज ओपीडी में हर माह ईलाज के लिए आते हैं। जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 से 30 प्रतिशत अधिक हैं।