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क्वेश्चन बैंक बनाने वाला AKTU होगा प्रदेश का पहला विवि, छात्रों को मिलेगी मदद...
December 24, 2019 • Jyoti Singh • अन्य खबरें

परीक्षा के दौरान छात्रों व शिक्षकों की सहूलियत के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय ढाई लाख सवालों का प्रश्नमाला (क्वेश्चन बैंक) तैयार करने जा रहा है। इसे लेकर प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि ,सवालों का इतना बड़ा बैंक बनाने के लिए प्रशासन को अभी कम से कम एक साल लगेगा। इसमें कई सॉफ्टवेयर कंपनियों की मदद भी ली जाएगी।

एकेटीयू प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा जो छात्रों की मदद के लिए क्वेश्चन बैंक तैयार करेगा। एकेटीयू की सेमेस्टर परीक्षाओं में 800 से अधिक संस्थानों के दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं। एक महीने चलने वाली परीक्षाओं में एकेटीयू 1600 पेपर कराता है। अधिकारियों की मानें तो क्विश्चन बैंक बनाने की तैयारी काफी समय से चल रही है। पहले चरण में 500 विषयों के सवालों का बैंक तैयार किया जाएगा। इसमें प्रत्येक विषय के पांच हजार सवाल इस बैंक में रखे जाएंगे। ऐसे में पहले चरण में ढाई लाख सवालों को बैंक में रखा जाएगा। क्वेश्चन बैंक बनाने के लिए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षकों के साथ निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में तैनात अनुभवी शिक्षकों की मदद ली जाएगी।

सॉफ्टवेयर की ली जाएगी मदद

एकेटीयू प्रशासन क्वेश्चन बैंक तैयार करने के लिए एक साफ्टवेयर डेवलप किया जाएगा। इसमें हर शिक्षक को अपने विषय के 5 हजार सवाल अपलोड करना होंगे। इससे शिक्षक सीधे पोर्टल पर ही अपने विषय के सवाल डाल सकेंगे। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार के मुताबिक क्वेश्चन बैंक तैयार करने के लिए एक सॉफ्टवेयर कंपनी ने अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया था, जो बहुत प्रभावी नहीं था। कई और कंपनियों को इस प्रोजेक्ट के लिए आमंत्रित किया गया है। यह बहुत बड़ा काम है। इसे पूरा करने में कम से कम एक साल लग जाएगा।

छात्रों को दिया जाएगा लिंक

एकेटीयू के अधिकारियों के मुताबिक इन सवालों को देखने और उनको हल करने के लिए छात्रों को इसका लिंक दिया जाएगा। छात्र-छात्राएं आसानी से अपने विषय से जुड़े सवाल इस लिंक पर जा कर देख सकेंगे। यही नहीं, शिक्षक परीक्षा में भी इन्हीं सवालों से प्रश्नपत्र भी तैयार कर सकेंगे। इस तरह से दोगुना फायदा होगा। उम्मीद है कि जल्द ही सुविधा शुरू हो सकेगी जिससे छात्र-छात्राएं और शिक्षक फायदा उठा सकेंगे।