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महिला पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी का निर्वहन भली-भांति करे साथ ही सीएए को भी जाने : संतोष सिंह
December 22, 2019 • Edge express • उत्तर प्रदेश

रायबरेली। महिला थाना प्रभारी संतोष सिंह ने महिला थाने में पुलिस कर्मियों की बैठक कर सरकार द्वारा जारी नागरिकता संशोधन अधिनियम की जानकारी पुलिस कर्मियों को देते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 (सीएए) कानून सिर्फ नागरिकता देने के लिए है किसी की नागरिकता छीनने का अधिकार इस कानून में नही है।

भारत के अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों का नागरिकता संशोधन अधिनियम से कोई अहित नहीं है। नागरिकता संशोधन अधिनियम से देश के नागरिकों की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दू, मुसलमान आदि को प्रभावित नहीं करेगा। इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जायेगी जो 31 दिसम्बर 2014 से पूर्व ही भारत में रह रहे हों तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर प्रताडि़त किए गए हों। अभी तक भारतीय नागरिकता लेने के लिए 11 साल भारत में रहना अनिवार्य था।

यह कानून केवल उन लोगों के लिए है, जिन्होंने वर्षो से बाहर उत्पीड़न का सामना किया और उनके पास भारत आने के अलावा और कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस कर्मी अपने कर्तव्यो का भली-भांति निर्वहन करने के साथ ही नागरिकता संशोधन अधिनियम को भली-भांति जाने तथा आमजन को भी इस अधिनियम को बताकर जागरूक करें ताकि किसी भी प्रकार की आमजन मानस में भ्रम न उत्पन्न हो।

रिपोर्ट-रत्नेश मिश्रा