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प्रदेश में कानून व्यवस्था, रोजगार और किसानों का बुरा हाल: अखिलेश
December 14, 2019 • Jyoti Singh • उत्तर प्रदेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आज सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भेंट की। अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं का आवाह्न किया कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव लोकतंत्र के लिए निर्णायक साबित होंगे। जनता संकटों में घिरती जा रही हैं। देश में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बेरोजगारी से नौजवानों का भविष्य समाप्तप्राय है। किसान की बदहाली में ही गुजर-बसर हो रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। अपराधी निरंकुश हो गए हैं। अपहरण-बलात्कार की घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही है। बच्चियों और छात्राओं तक का मानसम्मान नहीं बच रहा है। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। मुख्यमंत्री जी फर्जी आंकड़े गढ़कर उपलब्धियों की थोथी वाहवाही बटोर रहे हैं। सत्ता में बैठे अधिपतियों को हर तरफ हरा-हरा ही दिख रहा है। किसान को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। आय दुगनी करने का दावा तो कहीं से भी सार्थक होता नहीं दिखता हैं। प्रदेश के सम्भल, मुरादाबाद सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी ओलावृष्टि हुई है जो किसानों के लिए बहुत घातक सिद्ध होगा। किसान के इस दर्द को समझने की फुर्सत और चिंता तो इस भाजपा सरकार को नहीं होगी क्योंकि उसकी तो कारपोरेट घराने के मुनाफे पर ही दृष्टि रहती है।

जनपद इलाहाबाद के थाना नवाबगंज अंतर्गत ग्राम जूडापुर में एक दम्पत्ति (माता-पिता) के साथ दो सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म के साथ शव शत-विक्षत किए जाने के लोमहर्षक काण्ड से बची बेटी बबिता साहू और भाई ने भी कल राष्टीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर उनके परिवार को अभियुक्तों द्वारा दी जा रही धमकियों और मुख्यमंत्री जी के आश्वासनों को पूरा नहीं किए जाने की शिकायत की। स्मरणरीय है विगत 23-24 अप्रैल 2017 की रात्रि में प्रार्थिनी के परिवार में माता-पिता, दो नाबालिग बहनों की निर्मम हत्या दुष्कर्म के बाद कर दी गई थी। प्रार्थिनी बबिता साहू और उसका छोटा भाई उस दिन घर से बाहर अन्यत्र रहने के कारण बच गए थे।

प्रार्थिनी बबिता साहू के अनुसार 18 मई 2017 को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी से मुलाकात के समय आश्वासन दिए गए थे कि इस काण्ड को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। प्रार्थिनी व छोटे भाई को स्थायी आवास दिया जाएगा तथा शैक्षिक योग्यतानुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी। प्रार्थिनी व उसके भाई को 50-50 लाख रूपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसमें से कोई भी वायदा इतने लम्बे समय के बाद भी पूरा नहीं किया गया है। उल्टे इनको जान से मारने की धमकियां दी जा रही है और अधिकारी कह रहे है अपनी सुरक्षा स्वयं करें।