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प्रधानमंत्री मोदी की अपील, सार्वजनिक स्थलों पर ना थूकें
April 28, 2020 • Edge express • अन्य राज्य

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से भारत के युद्ध के बीच सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह वायरस थूक में एक से तीन दिनों तक सक्रिय रहता है, इसलिए कोरोना संक्रमित व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से यह संक्रमण फैल सकता है। संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएफएच) , गुरुग्राम ने सोमवार को ‘Spitting Kills’ नाम से एक मोबाइल ऐप लांच किया।

लॉकडाउन-2 में अपनी पहली मन की बात में प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर प्रतिबंध का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यहां-वहां और कहीं भी थूकना बुरी आदत का हिस्सा है जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों को ही चुनौती मिलती है। हम हमेशा से ही इस समस्या से वाकिफ थे, लेकिन यह हमारे समाज से महज भागने जैसा है। अब समय आ गया है कि इस बुरी आदत को हमेशा के लिए खत्म कर दें। इससे न केवल साफ सफाई का स्तर बढ़ेगा, बल्कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में मदद भी मिलेगी।

 गुरुग्राम स्थित संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएफएच) ने इस संदेश को फैलाने के लिए ‘Spitting Kills’ नाम से एक मोबाइल ऐप बनाया है और इसके लिए यह एनएसएस, अस्पतालों और विभिन्न संगठनों के साथ काम कर रहा है। गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के तहत 15 अप्रैल, 2020 को जारी अपने राष्ट्रीय दिशानिर्देश में सभी जिला प्रमुखों, नगर निगमों को अल्कोहल, तंबाकू, गुटका की बिक्री और सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर प्रतिबंध लगाने को कहा है। ‘Spitting Kills’ ऐप सोशल मीडिया के जरिए इस बारे में जागरूकता फैलाने में मदद करता है कि थूकने से गंदगी फैलती है जिससे संक्रमण फैलता है और स्वास्थ्य के लिए यह अच्छा नहीं है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में कार्डियोथोरैसिस वैस्कुलर सर्जरी के विभागाध्यक्ष और वॉयस ऑफ टोबैको विक्टिम्स (वीओटीवी) काउंसिल के सदस्य डाक्टर शिव चौधरी ने कहा, ‘Spitting Kills’ जैसे मोबाइल ऐप्स लाने वाले गैर लाभकारी संगठनों की इस पहल से यह संदेश तेजी से फैलेगा खासकर तब जब लॉकडाउन में मोबाइल और इंटरनेट पर लोग अधिक समय गुजार रहे हैं। यह केवल कोरोना के लिए नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से टीबी जैसे अन्य संक्रामक रोग फैल सकते हैं।” भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने लोगों से पान मसाला और सुपारी के साथ ही धुंआरहित तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने और सार्वजनिक जगहों पर नहीं थूकने की अपील की है क्योंकि इन उत्पादों से मुंह में अधिक लार बनती है जिससे लोगों को उसे थूकने की इच्छा होती है।

 “Spitting Kills” मोबाइल ऐप से मिलेगी संदेश फैलाने में मदद

संबंध हेल्थ फाउंडेशन के सीएफओ और ट्रस्टी अरविंद माथुर ने कहा, “ ‘Spitting Kills’  ऐप बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच कर सार्वजनिक स्थलों पर नहीं थूकने के प्रधानमंत्री के संदेश को फैलाने में मदद करेगा। वर्तमान में हमने इस ऐप को आंध्र प्रदेश, असम, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओड़िशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 400 कॉलेजों के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) कार्यकर्ताओं के जरिए इस ऐप को उतारा है।” इस ऐप में थूकने पर एक लघु वीडियो दिखाया जाता है और कुछ सवाल पूछे जाते हैं जिनका सही उत्तर दिए जाने पर यूजर को एक प्रतिभाग प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसका लक्ष्य एनएसएस कार्यकर्ताओं के जरिए सरकार के संदेश को फैलाने में मदद करना है। इससे कोरोना मुक्त भारत के विजन को हासिल करने में मदद मिलेगी।

कोविड-19 महामारी के दौरान महाराष्ट्र, ओड़िशा, बिहार, राजस्थान, कर्नाटक जैसे कई राज्यों ने तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। थूकने को अपराध बना दिया गया है और सार्वजनिक स्थलों पर थूकते हुए पकड़े जाने पर जुर्माना लगाने और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। इस अभियान को अल्लामेलू चेरीटेबल फाउंडेशन (टाटा ट्रस्ट), एप्सन, श्रीवेंकटेशवरा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर एंड एडवांस रिसर्च, नारायणा हृदयालय बैंगलूरु, चंद्रपुर कैंसर केयर फाउंडेशन, ब्लू स्टार फाउंडेशन, केयरिंगस फ्रेंडस, नारायणा सुपर स्पेशियलिटी हास्पीटल, हावड़ा और वायॅस आफॅ टोबेको विक्टिम्स (वीओटीवी) के देशभर के चिकित्सक इसमें अपना सहयेाग कर रहें है।