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सावधान: 22 किस्म के जहरीले कण घुले हैं दिल्ली के कोहरे में, होंगी जानलेवा बीमारियां
December 31, 2019 • Jyoti Singh • अन्य राज्य

राजधानी दिल्ली की हवा में 22 किस्मों के जहरीले कण घुले-मिले हुए हैं। इन रासायनिक तत्वों के साथ मिलकर कोहरा जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी हवा में सांस लेने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। दिल्ली में वायु गुणवत्ता को आमतौर पर छह मानकों के आधार पर तय किया जाता है। सामान्यत: प्रदूषण के स्तर को प्रदूषक कण पीएम 10 और पीएम 2.5 कणों की मात्रा के आधार पर अलग-अलग श्रेणी में रखा जाता है।

पीएम 10 और पीएम 2.5 कण दरअसल प्रदूषक कणों का आकार है। विशेषज्ञों की मानें तो इन कणों में बीस से ज्यादा रासायनिक प्रदार्थ, गैस या धातु के कण मौजूद हैं जो जानलेवा हैं। विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण ईकाई में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक विवेक चट्टोपाध्याय बताते हैं कि ये कण सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए।

हवा में घुले हैं ये कण-
अमोनिया, बेंजीन, नाइट्रोजन डाईआक्साइड, नाइट्रोजन आक्साइड, ओजोन, पी-जायलीन, सल्फर डाई आक्साइड, टोउलीन, कार्बन मोनोआक्साइड, जिंक, सेलूनियम, लेड, निकेल, सोडियम, मैगनीज, मैगनीशियम, पोटेशियम, आयरन, कॉपर, क्रोशियम, कैडमियम, कैल्शियम

धूल में मिल जाते हैं-
विशेषज्ञों के मुताबिक धूल या नमी के कण आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होते हैं लेकिन, इनके ऊपर जब खतरनाक रसायनों की परत चढ़ जाती है या उसके साथ हानिकारक धातुओं के कण घुल जाते हैं तो ये सेहत के लिए खतरनाक हो जाते हैं।

वाहनों व उद्यमों का धुआं सांसों का दुश्मन बना-
यूं तो राजधानी दिल्ली में अलग-अलग कारक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन, इनमें वाहनों और उद्यमों से निकलने वाले धुएं को सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। क्योंकि, इनमें हानिकारक रसायनों या कणों की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। राजधानी में होने वाले प्रदूषण के कई कारणों में से ये सबसे अधिक खतरनाक हैं।

प्रदूषण भी जानलेवा-
राजधानी दिल्ली में सोमवार के दिन प्रदूषण का स्तर भी जानलेवा रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक लोगों को दिनभर दमघोंटू हवा में सांस लेनी पड़ी। सोमवार का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 446 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।