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सुविधाओं पर राज्यपाल का ध्यान
May 13, 2020 • Edge express • उत्तर प्रदेश

रिपोर्ट-डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

बचपन में आनन्दी बेन पटेल ने ऐसे विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी, जिसमें मात्र तीन बालिकाएं थीं। उस समय बालिकाओं की शिक्षा पर कम ध्यान दिया जाता था। लेकिन आनन्दी बेन में आगे बढ़ने का जज्बा था। वह विचलित नहीं हुई। पढ़ाई के साथ साथ स्पोर्ट्स में भी उनका शानदार प्रदर्शन था। आज कुलाधिपति के रूप में वह बालिकाओं शिक्षा ग्रहण करने के लिए विशेष रूप में प्रोत्साहित करती है। इसके साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में सुविधाओं पर भी उनका ध्यान रहता है। जाहिर है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विश्विद्यालयों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की हिमायती हैं। वह कुलाधिपति के रूप में भी अपने दायित्वों के प्रति सजग है। 

इस क्रम में राजभवन के माध्यम  से सामाजिक सरोकार के लिए वह स्वयं आगे आई हैं। उन्होंने लख़नऊ विश्विद्यालय के दोनों परिसर में एक एक प्रसाधन काम्प्लेक्स के निर्माण के लिये दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। ऐसा पहली बार हुआ है जब लख़नऊ विवि को राजभवन से इतनी बड़ी राशि का अनुदान के रूप में मिली है। विश्विद्यालय के कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने इसके लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया है। कहा कि यह सहायता राज्यपाल  की संवेदनशीलता और सदाशयता का प्रतीक है।

लख़नऊ विवि के दोनों परिसर में इस समय करीब बीस हजार छात्र छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। इनके साथ ही करीब पांच सौ शिक्षक औऱ सोलह सौ कर्मचारी यहाँ कार्यरत हैं। लख़नऊ विवि सामाजिक समरसता और लैंगिक समानता का बेहतरीन उदाहरण है। यही वजह है कि यहाँ छात्राओं की संख्या छात्रों के मुकाबले कहीं से कम नहीं है। दोनों परिसर में महिला प्रसाधन केंद्रों की अपर्याप्तता के दृष्टिगत कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल को  
विश्विद्यालय में महिला प्रसाधनों की दशा व विश्विद्यालय की आर्थिक व्यथा से अवगत कराया था। 

राज्यपाल ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया। इसके बाद उन्होंने महिला प्रसाधन के लिए दस लाख रुपये जारी कर दिए। इससे दोनों परिसर में एक एक महिला प्रसाधन काम्प्लेक्स का निर्माण हो सकेगा। छात्राओं के साथ ही महिला शिक्षक और कर्मचारी भी इसका उपयोग कर सकेंगे। दोनों परिसर में प्रसाधन निर्माण के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। कुलपति ने बताया कि जल्द ही महामहिम से अनुमति लेकर उनके हाथों से इस काम का शिलान्यास कराकर काम शुरू कर दिया जाएगा।